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LIVE ..... दिल्ली . जेएनयू के छात्र डटे सड़कों पर, सड़कें जाम, मेट्रो स्टेशन बंद
By Swadesh | Publish Date: 18/11/2019 7:07:28 PM
LIVE ..... दिल्ली . जेएनयू के छात्र डटे सड़कों पर, सड़कें जाम, मेट्रो स्टेशन बंद


नई दिल्ली. जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के छात्रों के संसद मार्च के चलते राजधानी दिल्ली के कई इलाकों में जाम लग गया है। छात्रों और पुलिस की सड़कों पर भारी मौजूदगी के चलते आवाजाही प्रभावित है। दिल्ली मेट्रो के 4 स्टेशनों को भी दिल्ली पुलिस ने अस्थायी रूप से बंद कर था, लेकिन अब सिर्फ लोक कल्याण मार्ग स्टेशन ही बंद है।
जेएनयू स्टूडेंट सफदरजंग मकबरे के बाहर इकट्ठा हो गए हैं। इसकी वजह से अरविंदो मार्ग पर ट्रैफिक रोक दिया गया है। सफदरजंग रोड, तुगलक रोड, लोक कल्याण मार्ग भी बंद कर दिए गए हैं। हिरासत में लिए गए स्टूडेंट्स को छुड़ाने के लिए तुगलक रोड थाने के नजदीक छात्र पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। 'आजादी' वाले नारे भी लगाए जा रहे हैं। पुलिस ने सफदरजंग मकबरे के पास छात्रों को रोका तो वहीं पर वे धरने पर बैठ गए और नारेबाजी कर रहे हैं। फिलहाल हंगामा थमने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।

संसद और जेएनयू के पास लगी धारा 144
आज छात्र संसद तक पैदल मार्च निकाल रहे हैं। छात्रों को संसद तक नहीं पहुंचने देने के लिए पुलिस फोर्स तैनात है। संसद और जेएनयू के आसपास धारा 144 लगा दी गई है। दूसरी तरफ केंद्र सरकार जेएनयू विवाद को जल्द खत्म करने की कोशिशें भी कर रही है। इसके लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने एक कमिटी बनाई है।
इससे पहले सुबह 10.45 पर संसद के बाहर और आसपास धारा 144 लगा दी गई थी। बता दें कि छात्र चाहते हैं कि फीस में हुए बदलाव को पूरी तरह से खत्म किया जाए, यानी कोई बदलाव नहीं हो।

वीसी ने जारी किया था विडियो मेसेज
जेएनयू वीसी प्रो जगदीश कुमार कुमार ने रविवार को वेबसाइट में विडियो मेसेज के जरिए स्टूडेंट्स से अपील की है कि वे अपनी हड़ताल खत्म करें। वीसी ने कहा है कि हड़ताल से दो हफ्तों से यूनिवर्सिटी की पढ़ाई में बहुत नुकसान हुआ है। मुझे स्टूडेंट्स, पैरंट्स से कई मेसेज मिल रहे हैं और वे पढ़ाई के इस नुकसान को लेकर परेशान हैं। अगर आपको हॉस्टल को लेकर कोई दिक्कत है, तो प्रशासन की ओर से बातचीत के लिए आपका स्वागत है। पहले वॉर्डन से बात करें, वरना प्रोवोस्ट, डीन से और फिर भी समस्या है तो वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत कर सकते हैं।
बता दें कि सारा विवाद जेएनयू प्रशासन द्वारा फीस बढ़ाने को लेकर था। छात्रों के प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने बढ़ाई गई फीस में 50 प्रतिशत की कमी कर दी थी। हालांकि, उसमें कुछ पेच थे, जिसकी वजह से जेएनयू छात्रों ने प्रदर्शन नहीं रोका। यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स का कहना है कि यह सिर्फ झांसा है।

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