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बीजेपी व एनसीपी में डील तय ! एनडीए को मिला नया साथी
By Swadesh | Publish Date: 20/11/2019 6:26:51 PM
बीजेपी व एनसीपी में डील तय ! एनडीए को मिला नया साथी

- पीएम मोदी और शरद पवार की मुलाकात से महाराष्ट्र की राजनीतिक सरगर्मी तेज

- महाराष्ट्र में सरकार गठन के लिए नए समीकरणों की चर्चा, कांग्रेस नेता हैरान - परेशान

- राज्य कैबिनेट में अहम मंत्रालयों के साथ केंद्र में एनसीपी को तीन मंत्रालय दे सकती है

मुंबई . महाराष्ट्र में किसकी सरकार बनेगी ? कौन सा दल किसके साथ जायेगा ? एनसीपी अब भी शिवसेना के साथ है या कुछ और खिचड़ी पाक रही है ? क्या एनसीपी डबल गेम खेल रही है? इस बीच बुधवार को नई दिल्ली में पीएम नरेंद्र मोदी और एनसीपी चीफ शरद पवार की मुलाकात से महाराष्ट्र की राजनीतिक सरगर्मी और तेज हो गई है। सरकार गठन को लेकर जारी उठापटक के बीच इन दोनों नेताओं की मुलाकात के बाद सियासी हलकों में कई नए समीकरण की चर्चा जोरों पर है। चर्चा है कि महाराष्ट्र में एनसीपी और बीजेपी की सरकार बन सकती है और इसके एवज में केंद्र में शरद पवार की पार्टी को तीन अहम मंत्रालय मिल सकते हैं।

पवार के इन बयानों में कुछ संकेत हैं?
महाराष्ट्र में पिछले कुछ दिनों में शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की महागठबंधन की सरकार बनाने की कवायद तेज हुई थी। हालांकि इस बीच शरद पवार ने यह बयान देकर कि सोनिया गांधी से सरकार बनाने को लेकर उनकी कोई चर्चा नहीं हुई है, नया सस्पेंस पैदा कर दिया। यही नहीं, पवार से जब यह पूछा गया कि शिवसेना के साथ सरकार बनने के क्या चांस हैं तो उन्होंने कहा कि'बीजेपी और शिवसेना से पूछो, दोनों साथ थे।

पीएम मोदी ने की थी एनसीपी की तारीफ

उधर, पीएम नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में एनसीपी के अनुशासन की तारीफ कर दी। इसके बाद से ही सियासी हलकों में नए समीकरण को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गईं। अब पीएम मोदी और पवार की मुलाकात के बाद यह चर्चा जोरों पर है कि महाराष्ट्र में नया सियासी समीकरण बन सकता है और संभव है कि एनसीपी-बीजेपी मिलकर सरकार बना लें।

किसानों के मुद्दे पर पवार ने पीएम को लिखा पत्र
एनसीपी चीफ शरद पवार ने पीएम मोदी को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने महाराष्ट्र में किसानों की फसल खराब होने का मुद्दा उठाया। पत्र में पवार ने लिखा है, 'दो जिलों में फसलों के नुकसान का डेटा मेरे पास है। भारी बारिश की वजह से मराठवाड़ा, विदर्भ समेत पूरे महाराष्ट्र में नुकसान हुआ है। हम इसका डेटा जुटा रहे हैं, उसके बाद यह आपको भेजा जाएगा। राज्य में राष्ट्रपति शासन की वजह से आपका तुरंत हस्तक्षेप जरूरी है। अगर आप परेशान किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए कदम उठाएंगे तो मैं आपका आभारी रहूंगा।'

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