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प्रवर्तन निदेशालय का दावा: संदेसरा भाईयों का फर्जीवाड़ा पीएनबी से भी बड़ा घोटाला
By Swadesh | Publish Date: 29/6/2019 5:28:45 PM
प्रवर्तन निदेशालय का दावा: संदेसरा भाईयों का फर्जीवाड़ा पीएनबी से भी बड़ा घोटाला

नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दावा किया है कि संदेसरा भाईयों ने बैंकों को विजय माल्या और नीरव मोदी से ज्यादा चूना लगाया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने शनिवार को कहा कि जांच में स्टर्लिंग बायोटेक लिमिटेड (एसबीएल) और संदेसरा ग्रुप तथा इसके प्रमोटर प्रमुख रूप से शामिल हैं। इसमें नितिन संदेसरा, चेतन संदेसरा और दीप्ति संदेसरा ने बैंकों के साथ करीब 14,500 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा किया है, जबकि नीरव मोदी पर पीएनबी को 11,400 करोड़ रुपये का झटका देने का आरोप है।

 
संदेसरा ग्रुप ने इन बैंकों और विदेशी मु्द्रा में लिए लोन
प्रवर्तन निदेशालय की जांच अधिकारी के अनुसार एसबीएल ग्रुप बैंकों से रुपये के साथ-साथ विदेशी मुद्रा में भी लोन लिए थे। संदेसरा ग्रुप को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई), इलाहाबाद बैंक और बैंक ऑफ इंडिया (बीओआई), आंध्रा बैंक और यूको बैंक की अगुवाई वाले बैंकों के कंसोर्शियम ने लोन पास किया है।

अक्टूबर, 2017 में सीबीआई ने दर्ज किया था मामला
सीबीआई ने 5,383 करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड के आरोप में कंपनी और उसके प्रमोटरों के खिलाफ अक्टूबर 2017 में एफआईआर दर्ज किया था। उसके बाद ईडी ने भी मुकदमा दायर किया। जांच के दौरान पता चला कि संदेसरा ग्रुप के विदेशों में स्थित कंपनियों ने भारतीय बैंकों की विदेशी शाखाओं से 9 हजार करोड़ रुपये लोन लिया था।
 
अभी तक 9,778 करोड़ रुपये की संपत्ति हो चुकी है जब्त
ईडी की जांच में पता चला है कि लोन से मिली राशि का इस्तेमाल बगैर अनुमति फर्जी देसी-विदेशी संस्थानों के जरिए इधर से उधर ट्रांसफर की गई। मुख्य प्रमोटरों ने कर्ज की रकम न केवल नाइजीरिया में अपने तेल के कारोबार में लगाई, बल्कि इसका निजी मकसदों में भी इस्तेमाल किया गया। ईडी ने 27 जून को एसबीएल और संदेसरा ग्रुप का 9,778 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी। ईडी का दावा है कि संदेसरा भाइयों ने बैंकों को नीरव मोदी के मुकाबले कहीं ज्यादा चूना लगाया है।
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