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रिलायंस नेवल ने 3000 टन क्षमता से लैस अत्याधुनिक प्रशिक्षण जहाज लांच किया
By Swadesh | Publish Date: 26/10/2018 10:39:09 AM
रिलायंस नेवल ने 3000 टन क्षमता से लैस अत्याधुनिक प्रशिक्षण जहाज लांच किया

मुंबई। रिलायंस नेवल कंपनी की ओर से अत्याधुनिक प्रशिक्षण जहाज को लांच किया गया है। रिलायंस डिफेंस एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड की ओऱ से सूचित किया गया है कि गुजरात के पीपावॉव के तट पर स्थित रिलायंस नेवल एंड इंजीनियरिंग के शिपयार्ड में 3000 टन विस्थापन का अत्याधुनिक प्रशिक्षण जहाज को तैयार किया गया है। यह अत्याधुनिक तकनीकी से युक्त प्रशिक्षण जहाज भारतीय तट रक्षक के लिए बनाया गया सबसे बड़ा जहाज है। 

 
रिलायंस नेवल एंड इंजीनकी ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, रिलायंस की ओर से गुजरात के पीपावॉव शिपयार्ड में प्रशिक्षण जहाज का निर्माण किया गया है। अब तक का सबसे बड़ा प्रशिक्षण जहाज भारतीय सेना और तटरक्षक बल के लिए बनाया गया है। इस दौरान भारतीय तटरक्षक दल (कोस्ट गॉर्ड) के महानिदेशक राजेंद्र सिंह, उनकी पत्नी उर्मिला सिंह और भारतीय तट रक्षक के जवानों, नाविकों और स्थानीय जन प्रतिनिधियों की मौजूदगी में लांच किया गया। जहाज का नाम उर्मिला सिंह ने आयोजित कार्यक्रम में सीजीएस वरुण रखा है। 
बता दें कि भारत में सबसे बड़ी जहाज निर्माण सेक्टर में रिलायंस नेवल ने अपने कदम बढ़ाए हैं।
 
 गुजरात का पीपवॉव पोर्ट दुनिया के सबसे विशाल शुष्क डॉक्स के रूप में जाना जाता है। यहां नवीनतम मॉड्यूलर फैब्रिकेशन और इंजीनियरिंग की सुविधा से लैस शिपयार्ड का निर्माण किया गया है। इस शिपयॉर्ड में 140,000 टन स्टील का उपयोग किया गया है,। इसकी लागत सालाना 4,000 करोड़ रुपये के राजस्व के बराबर है। इस शिपयार्ड को पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने 'राष्ट्रीय संपत्ति' के रूप में घोषित किया था।
 
यह शिपयार्ड दुनिया में किसी भी प्रकार के जहाजों का निर्माण करने में सक्षम है। भारतीय सेनाओं की जरूरत को ध्यान में रखते हुए यहां 70,000 टन क्षमता से लैस विमान वाहक का निर्माण करने की क्षमता भी है। फिलहाल भारत में पांच पीएसयू शिपयार्ड और दो निजी क्षेत्र की मदद से बड़े शिपयार्ड का निर्माण किया गया है। 
 
इस पोर्ट पर लगभग दो लाख करोड़ रुपये का संयुक्त कारोबार (टर्नओवर) होता है। जबकि प्रतिवर्ष लगभग 8,000 करोड़ रुपये का टर्नओवर किया जा सका है। इसकी तुलना में, दो निजी क्षेत्रों के शिपयार्डों में केवल 6,000 करोड़ रुपये का ही ऑर्डर बुक हुआ है। इस ट्रेनिंग शिप में ऑल-राउंड एक्सपोजर समेत तटरक्षक दल के कैडेटों और अधिकारियों को समुद्री प्रशिक्षण प्रदान करने की प्राथमिक सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इस प्रशिक्षण शिप की लंबाई 105 मीटर है और इसमें 242 कर्मियों को समायोजित करने की क्षमता है।
 
इस प्रशिक्षण पोत को 10,400 किलोवॉट क्षमता से लैस डबल डीजल इंजन से संचालित किया जाता है और 20 समुद्री मील की गति से आगे बढ़ सकता है। पोत अत्याधुनिक हथियारों से लैस है। देश के समुद्री सीमाओं की निगरानी के साथ ही खोज अभियानों के लिए भी यह पोत मदद कर सकता है। इस पोत में डबल इंजन से लैस हेलीकॉप्टर को समुद्री बचान कार्यों के दौरान उतारने की सुविधा भी उपलब्ध है। 
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