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हिन्दुस्तान लीवर उपभोक्ताओं को जीएसटी का लाभ नहीं देने का दोषी करार
By Swadesh | Publish Date: 25/12/2018 2:45:06 PM
हिन्दुस्तान लीवर उपभोक्ताओं को जीएसटी का लाभ नहीं देने का दोषी करार

नई दिल्ली। देश की अग्रणी उपभोक्ता उत्पाद कंपनी हिन्दुस्तान लीवर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के लाभ उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंचाने की दोषी मानी गई है। जीएसटी को लेकर बनी नेशनल एंटी-प्रॉफिटिंग अथॉरिटी (एनएए) ने हिन्दुस्तान लीवर लिमिटेड (एचयूएल) को दोषी माना है। एचयूएल ने कई उत्पादों पर जीएसटी घटाने के बाद भी उनकी कीमत नहीं कम की थी। इससे ग्राहकों को जीएसटी स्लैब कम किए जाने का फायदा नहीं मिला। कंपनी ने इस तरह 383 करोड़ रुपये का घोटाला किया है। 

 
नेशनल एंटी-प्रॉफिटिंग अथॉरिटी (एनएए) ने पाया कि एययूएल के कई उत्पादों को जीएसटी के 28 फीसदी स्लैब से हटाकर 18 फीसदी स्लैब में रख दिया है। बावजूद इसके कंपनी ने इन उत्पादों की एमआरपी में कोई परिवर्तन नहीं किया। इसके चलते उपभोक्ताओं को जीएसटी के स्लैब कम करने का फायदा नहीं मिला। अब एचयूएल को नियमानुसार तय राशि सरकारी कोष में जमा करानी होगी। 
 
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