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मध्य प्रदेश
मंदिर से पैसे चुराती पकड़ी गई बच्ची के परिवार को मुख्यमंत्री ने दिए मदद के निर्देश
By Swadesh | Publish Date: 1/10/2019 1:39:07 PM
मंदिर से पैसे चुराती पकड़ी गई बच्ची के परिवार को मुख्यमंत्री ने दिए मदद के निर्देश

भोपाल। मध्यप्रदेश के सागर जिले में भूख से तड़पते छोटे भाई बहनों के लिए मंदिर से पैसे चोरी करते पकड़ाई 12 साल की मासूम बच्ची के परिवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आर्थिक मदद के निर्देश दिए हैं। साथ ही सीएम कमलनाथ ने सरकारी योजनाओं का लाभ और बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था करने को भी निर्देशित किया है। 

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मामले पर संज्ञान लेने के बाद मंगलवार को ट्वीट कर लिखा ‘कई बार जीवन यापन के लिये, अभाव में मासूम ग़लत राह पकड़ लेते हैं। सागर जिले के रहली गांव के मजदूर परिवार को एक लाख की आर्थिक सहायता प्रदान करने के साथ ही परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ प्रदान करने के, बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था करने के व परिवार को राशन उपलब्ध कराने के निर्देश’। 
 
मामला प्रकाश में आने के बाद इस घटना को लेकर कई प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी मामले पर दुख प्रकट करते हुए बच्ची की बेबसी को लेकर सवाल उठाए थे। शिवराज ने सोमवार रात ट्वीट कर लिखा था कि ‘इस बेटी का अपराध सिर्फ इतना है कि इसने अपने भाई-बहन की भूख मिटाने मंदिर में चोरी की! विडंबना है कि हम मंदिरों में चढ़ावा चढ़ाते हैं, शादी-ब्याह समेत विभिन्न आयोजनों में बढ़-चढ़कर पैसे खर्च करते हैं लेकिन एक समाज के रूप में इस बेटी का पेट नहीं भर सके'!
 
नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने भी मामले में बच्ची की मदद का आश्वासन देते हुए ट्वीट किया था। गोपाल भार्गव ने ट्वीट कर लिखा कि ‘रहली से सटे माटिकीटोरिया मंदिर में हुई चोरी के मामले में पुलिस ने जिस तरीके से मानवता को दरकिनार करते हुए कार्रवाही की वो बेहद दु:खद है। मैंने घटना की पूरी जानकारी ली है। जल्द ही उस बेटी की यथा सम्भव मदद होगी करूँगा। मानवता ओर संवेदनशीलता सबसे बड़ा धर्म है। मानवता को दरकिनार कर हम अच्छे समाज और विकास की कल्पना नही कर सकते। कानून और नियम अपनी जगह है लेकिन उससे भी बढ़कर संवेदनशीलता भी जरूरी है'।
 
उल्लेखनीय है कि सागर जिले के रहली गांव की 12 साल की बच्ची ने मंदिर की दान पेटी से 250 रुपए चुरा लिए थे। पकड़े जाने के बाद बच्ची ने बताया कि उसने छोटे भाई-बहन के खाने के लिए पैसे चुराए थे। उसके छोटे भाई-बहन भूखे थे और घर में आटा ना था। पैसे और खाने का कहीं से कोई इंतज़ाम नहीं हो पाया तो उसने गांव के मंदिर में लगी दान पेटी से 250 रुपए निकाल लिए। पकड़े जाने के बाद अब उसे बाल सुधार गृह शहडोल भेज दिया गया है। 
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