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मध्यप्रदेश: ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी, होने लगी पेट्रोल-डीजल की किल्लत
By Swadesh | Publish Date: 7/10/2019 4:04:50 PM
मध्यप्रदेश: ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी, होने लगी पेट्रोल-डीजल की किल्लत

-प्रशासन हुआ सक्रिय, बुलाई बैठक

इंदौर/भोपाल।
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल पर बढ़ाए गए पांच फीसदी वैट का वापस लेने के साथ ही अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर शुरू हुई ट्रांसपोर्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल सोमवार को तीसरे दिन भी जारी है। प्रदेशभर में साढ़े दस लाख के अधिक ट्रकों के पहिए पूरी तरह थमे हुए हैं और इस हड़ताल को पेट्रोल-डीजल का परिवहन करने वाले टैंकर संचालकों का भी समर्थन है, इसलिए राजधानी भोपाल, इंदौर समेत सभी जगह लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

अधिकांश पेट्रोल पम्पों पर पेट्रोल-डीजल खत्म हो गया है, जिसके चलते वाहन चालकों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। रविवार को जिन पेट्रोल पम्पों पर स्टाक बचा हुआ था, वहां देर रात लम्बी-लम्बी कतारें लगीं रही और सोमवार को भी सुबह से ही यही नजारा देखने को मिल रहा है। वहीं, इंदौर जिला प्रशासन ने पेट्रोल-डीजल की कमी को देखते हुए सोमवार को टैंकर संचालकों की बैठक बुलाई है। इसके अलावा सोमवार को सुबह से कानून-व्यवस्था के हालात न बने, इसलिए पेट्रोल पंपों पर पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए हैं।

पेट्रोल-डीजल पर बढ़ाए गए पांच प्रतिशत वैट को वापस लेकर डीजलों की कीमत कम करने, पुराने वाहनों पर टैक्स की बाध्यता समाप्त सहित पांच सूत्रीय मांगों को लेकर ट्रांसपोर्टर बीते शनिवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। इस हड़ताल का इंदौर, भोपाल, ग्वालियर जैसे महानगरों में व्यापक, जबकि बाकी शहरों में मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। ट्रकों और टैंकरों का संचालन नहीं होने से पेट्रोल पम्प सूखने लगे हैं, वहीं आवश्यक वस्तुओं का परिवहन रूक जाने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।

मप्र ट्रक ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय शर्मा ने बताया कि हड़ताल व्यापक असर देखने को मिल रहा है। यदि लगातार हड़ताल जारी रही तो सब्जी-फलों व रेत, गिट्टी, लोहा सहित अन्य जरूरत की सामग्री अन्य राज्यों से नहीं आ पाएगी। इससे आगामी समय में महंगाई बढ़ सकती है। हड़ताल से सरकार का करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है, फिर भी सरकार इस ओर ध्यान देने को तैयार नहीं है।

भोपाल ट्रक वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र पाल सिंह गिल ने सोमवार को बताया कि प्रदेश सरकार ने पांच प्रतिशत वैट टैक्स बढ़ा दिया, जिससे डीजल के दाम अन्य प्रदेशों से पांच से सात रुपये ज्यादा हो गए। इससे ट्रांसपोर्टरों की हालत खराब है। टैक्स, किस्त सहित अन्य खर्चें नहीं निकल रहे। अष्टमी, नवमी व दशहरा के चलते अधिकांश ट्रांसपोर्टरों के पास काम करने वाले ड्राइवर व लेवर छुट्टी पर चले गए हैं।
 

वहीं इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के मांगलिया तेल डिपो से शहर के पेट्रोल पंपों पर डीजल पहुंचाने के लिए टैंकर निकलना शुरू हो गए हैं। शहर के मांगलिया स्थित सभी पेट्रोलियम कंपनियों के डिपो पर पुलिस बल तैनात किया जाएगा। जो ट्रांसपोर्टर हड़ताल में शामिल नहीं हैं और डिपो से पंपों तक पेट्रोल-डीजल का परिवहन करना चाहते हैं तो पुलिस-प्रशासन उन्हें सुरक्षा प्रदान करेंगे।

जानकारी के मुताबिक, हड़ताल के चलते शहर के 50 प्रतिशत पेट्रोल पम्पों पर पेट्रोल-डीजल खत्म हो गया है, जिससे लोगों को भारी दिक्कत होने लगी है। पेट्रोल पम्पों पर लम्बी-लम्बी लाइनें लगी हुई हैं। इंदौर पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्रसिंह वासु ने बताया कि जिन पंपों पर पेट्रोल खत्म हो रहा है, उस क्षेत्र के वाहनों का दबाव अन्य पंपों पर पड़ रहा है, जिससे भीड़ बढ़ रही है। हड़ताल जारी रही तो सोमवार शाम तक पंपों पर पेट्रोल खत्म हो सकता है।

इसी बीच इंदौर जिले में डीजल-पेट्रोल की हो रही किल्लत को लेकर कलेक्टर लोकेश कुमार जाटव ने सोमवार को पेट्रोल-डीजल डीलर्स और टैंकर संचालकों की बैठक बुलाई है। कलेक्टर लोकेश कुमार जाटव ने कहा है कि जिले में कहीं भी पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं होने दी जाएगी। टैंकर रोकने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
 

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